
खैरागढ़ | cg dastak
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे एक-एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिरने लगे। कुछ ही मिनटों में स्कूल का शांत माहौल चीख-पुकार और दहशत में बदल गया। शिक्षक और स्टाफ कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हालात बिगड़ चुके थे।
☠️ कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, स्कूल खुलने से पहले पहुंचे कुछ बच्चों ने परिसर और आसपास उगे रतनजोत (जहरीला पौधा) का फल खा लिया था। बच्चों को इसके खतरनाक होने की जानकारी नहीं थी। जैसे ही प्रार्थना सभा शुरू हुई, ज़हर का असर दिखने लगा और बच्चे बेहोशी व चक्कर की हालत में गिरने लगे।
🚑 16–17 बच्चे बीमार, 4 गंभीर
स्थिति बिगड़ते देख 16–17 बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार चार बच्चों पर ज़हर का असर अधिक है, जबकि बाकी बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है। एक बच्चे की स्थिति गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए खैरागढ़ रेफर किया जा रहा है।
😟 गांव में दहशत, अस्पताल में उमड़े परिजन
घटना की खबर फैलते ही करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। हर चेहरे पर डर और गुस्सा साफ नजर आया। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में जहरीले पौधे कैसे उगने दिए गए और समय पर उनकी जांच क्यों नहीं हुई।
❗ जिला शिक्षा अधिकारी बोले – “मुझे जानकारी नहीं”
मामले में तब और चिंता बढ़ गई जब जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया से मिली है। उनका यह बयान स्कूल निरीक्षण और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
⚠️ स्कूल सुरक्षा पर सवाल, जांच की मांग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि:
- स्कूल परिसर और आसपास से सभी जहरीले पौधे तुरंत हटाए जाएं
- लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
करमतरा की यह घटना एक कड़ी चेतावनी है कि छोटी-सी अनदेखी कैसे मासूम बच्चों की जान को खतरे में डाल सकती है।
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