
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक बार फिर हाथियों का आतंक देखने को मिला है। रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के मेनड्रा सत्कोना पारा गांव में हाथियों के झुंड ने रातभर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई घरों को तोड़ दिया और खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों से रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में 12 हाथियों का दल लगातार घूम रहा है। सोमवार देर रात यह झुंड अचानक मेनड्रा सत्कोना पारा गांव में घुस गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। हाथियों ने कई घरों की दीवारें गिरा दीं, गोदाम में रखे अनाज को रौंद डाला और खेतों में लगी धान की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के आ जाने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। कई परिवारों ने रात खुले में या रिश्तेदारों के यहां बिताई।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में उनके पास न जाएं। फिलहाल वन विभाग की टीम इलाके में लगातार अलर्ट पर है और ड्रोन व टॉर्च की मदद से हाथियों की निगरानी की जा रही है।
वन अमले ने कहा कि हाथियों को गांव से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास जारी है। नुकसान का आकलन करने के लिए विभाग की सर्वे टीम को भी मौके पर भेजा गया है।
🌾 स्थानीय लोगों की मांग:
ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है और कहा कि लगातार हाथियों के गांव में घुसने से जनहानि और फसल नुकसान का खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन को इस दिशा में स्थायी समाधान निकालना चाहिए।










