
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय उस समय दर्ज हुआ, जब पूरे 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सामाजिक चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हुआ। यह केवल एक संगठनात्मक चुनाव नहीं, बल्कि समाज की एकता, समझदारी और परिपक्वता का अद्भुत उदाहरण है।
प्रदेश स्तर पर आयोजित इस निर्वाचन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव एवं संगठन सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों हेतु कई दावेदार सामने आए थे। लेकिन समाज के वरिष्ठ पथप्रदर्शकों — उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पूर्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, श्री धनेन्द्र साहू, विधायक श्री मोतीलाल साहू, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री विपीन साहू, श्री थानेश्वर साहू, पूर्व सांसद श्री चंदूलाल साहू, श्री लखनलाल साहू, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सियाराम साहू, विधायक श्री दीपेश साहू, वरिष्ठजन श्रीमती चित्रलेखा साहू, श्रीमती विद्यादेवी साहू, श्री अशोक साहू, श्री खिलावन साहू, श्री प्रीतम साहू एवं पूर्व विधायक श्री वीरेन्द्र साहू — ने समाज में अद्वितीय पहल करते हुए आपसी समन्वय स्थापित किया।
लगातार नौ घंटे चली गहन चर्चा एवं प्रयासों के बाद सभी पदों के लिए सर्वसम्मति से निर्विरोध चुनाव सम्पन्न कराया गया। इस पहल ने न केवल समाज में संभावित टकराव को रोका, बल्कि चुनाव में होने वाले धन के अपव्यय को भी समाप्त किया।
निर्विरोध चुने गए पदाधिकारी
प्रदेश अध्यक्ष : डॉ. नीरेंद्र साहू
प्रदेश उपाध्यक्ष : श्री सत्यप्रकाश साहू, डॉ. तिलक साहू एवं श्रीमती साधना साहू
संयुक्त सचिव : श्री प्रदीप साहू एवं श्रीमती बीना साहू
संगठन सचिव : डॉ. सुनील साहू एवं श्रीमती चंद्रवती साहू
यह निर्विरोध निर्वाचन केवल पदाधिकारियों का चयन भर नहीं है, बल्कि साहू समाज की एकता, सहयोग और सेवा-भावना का प्रतीक है। यह सिद्ध करता है कि जब वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन और समाज के सभी वर्गों का सहयोग साथ आता है, तब किसी भी चुनौती का समाधान सहजता से निकाला जा सकता है।
निश्चित रूप से यह सफलता आने वाले समय में साहू समाज के संगठन को और मजबूत बनाएगी तथा समाज की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
—
