सरायपाली – आंगनबाड़ी केंद्रों को दर्ज संख्या के आधार पर नहीं मिली किचन सामग्री, अलमारी और टेबल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अधिकारियों के काट रहीं चक्कर

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सरायपाली. महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों की हाल में ही पूरक पोषक आहार संचालित के लिए किचन सामान और अन्य जरूरी सामान का वितरण किया है। अलग-अलग सेक्टर में संख्या और सामान अलग-अलग मात्रा में मिलने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में विभाग के प्रति काफी रोष है। बच्चों की दर्ज संख्या के अनुरुप किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र को सामान नहीं मिला है।

बैतारी सेक्टर के कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें केवल चार गिलास, छह कटोरी, एक कचरा पेटी, एक बेलन पाटा, 3 नग डिब्बा ही दिया गया है। जबकि, तोरसिंहा सेक्टर में तीन गिलास, 6 कटोरी, एक कचरा पेटी व एक बेलन पाटा मिला है। यहां गिलास की संख्या एक कम कर दी गई है। इसी तरह केदुआं सेक्टर की बात करें तो वहां के आंगनवाड़ी केंद्र बहेरापाली की कार्यकर्ता संजू पटेल ने बताया कि तीन वाली 6 कटोरी, तीन गिलास तीन प्लास्टिक डब्बा , एक कचरा पेटी और एक झाडू उन्हें मिला है। अमरकोट सेक्टर के जोगी डीपा व मुंधा में चार गिलास, छह कटोरी, तीन मसाला डब्बा , एक डस्टबिन, एक बेलन पाटा, एक चिमटा, एक चम्मच दिया गया है। इसी तरह खापरीडीह सेक्टर के किसड़ी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुजाता स्वाई ने बताया कि उन्हें पांच गिलास, छह नग कटोरी, पांच नग दे थाली , एक चिमटा, एक कचरा पेटी, चार नग मसाला रखने का प्लास्टिक डीब्बा, एक पोछा लगाने का समान, एक चम्मच उन्हें मिला है। बलौदा सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता सोनी ने बताया कि उन्हें चार गिलास, पांच नग थाली, एक बेलन पाटा, एक झाडू, एक अलमारी, एक टेबल, एक कढ़ाई लोहा का व डस्टबिन बाल्टी उन्हें दी गई है।

कई आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें जो जरूरत है, वो सामान भी उन्हें महिला एवं चाल विकास विभाग द्वारा प्रदान नहीं किया जा रहा है। जबकि, महिला एवं बाल विकास विभाग में दरी, कुकर, कढ़ाई , तवा, पेटी और अन्य आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित करने के लिए जरूरी सामान उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं ने अपने विभाग के अधिकारियों पर सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2 साल, 3 साल व 4 साल पूर्व दिए दिए गए सामान टूट चुके हैं या खराब हो चुके हैं। उन सामानों की उन्हें जरूरत है, लेकिन ये जब सामान लेने कार्यालय पहुंचे तो यह कहा गया कि आपको पहले यह सामान दिया जा चुका है। 3 साल बाद 4 साल पूर्व दिए गए डस्टबिन, झाडू अन्य सामान कहां तक सलामत रहेंगे। क्योंकि सभी दैनिक उपयोगी सामान हैं। दैनिक उपयोग होगा तो एक निश्चित समय के बाद का सामान खराब होगा ही, लेकिन रिकार्ड को देखकर देखकर सामान देने का आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि जिनके यहां खुद का भवन नहीं है, किराए के भवन में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, उनके साथ भी सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्हें सभी सामान भी पर्याप्त मात्रा में नहीं दिया गया है। दर्ज संख्या के आधार पर किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र में पर्याप्त मात्रा में सामान नहीं मिलने का भी आरोप लग रहा है। आधे से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ना तो अलमारी, न तो टेबल और नाही लोहे की कड़ाई व थाली, कुकर, चिमटा, हुआ आदि नहीं दिया गया है। इसमें बैतारी व तोरेसिंहा सेक्टर शामिल है।

जरूरत के आधार पर सामान वितरण

परियोजना अधिकारी गेंदराम नारंग ने कहा कि पर्यवेक्षक की उनके सेक्टर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मीटिंग रखकर अवश्यकता अनुसार सामान की मांग मंगवाई गई थी। परीवेक्षक की उपस्थिति में ही कार्यकर्ताओं को सामान दिया जा रहा है। सामान पर्याप्त मात्रा में नहीं आया है। इसी कारण जरूरत के आधर पर समान वितरण हो रहा है। अगर कहीं सामान ज़रुरत है और उन्हें सामान नहीं मिला है तो वे कार्यालय में आकर संपर्क कर सकते हैं। सही में आवश्यकता होगी तो जरुर उन्हें सामान दिया जाएगा। केंद्रों में पूर्व में भी सामान वितरण हो चुका है। केंद्रों में एक समान सामान वितरण संभव नहीं है।

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