
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की केंद्रीय जेल में बंदी को मोबाइल फोन इस्तेमाल की अनुमति मिलने का मामला चर्चा में है। जेल अधीक्षक अक्षय राजपूत ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए जिला पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल को पत्र लिखा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जेल अधीक्षक ने पत्र में बताया कि जेल परिसर प्रतिबंधित क्षेत्र है, जहां मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह निषिद्ध है। इसके बावजूद, नवप्रवेश बंदियों को पुलिस कर्मचारियों द्वारा अक्सर नियमों की अनदेखी करते हुए जेल में लाया जाता है।
उन्होंने उदाहरण के तौर पर उस वायरल वीडियो का उल्लेख किया, जिसमें नवप्रवेश हवालाती बंदी अंश पंडित उर्फ जय आदित्य तिवारी को जेल में प्रवेश के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने मोबाइल पर बात करते देखा गया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिससे पुलिस और जेल प्रशासन दोनों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

अधिक्षक राजपूत ने अपने पत्र में जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बंदी जेल में प्रवेश के दौरान किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल न हो।










