सरकारी स्कूल का फर्नीचर कबाड़ दिखाकर प्राचार्य ने निजी स्कूलों को बेचा, निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा

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रायपुरबलौदाबाजार जिले के टुण्डरा स्थित शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य रमेश बंजारे पर सरकारी स्कूल का फर्नीचर निजी विद्यालयों को कबाड़ बताकर बेचने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही हेतु प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार, 13 सितम्बर 2025 (शनिवार) को टुण्डरा नगरवासियों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्राचार्य रमेश बंजारे ने शाला प्रबंधन एवं विकास समिति की सहमति से सरकारी स्कूल का उपयोगी फर्नीचर निजी स्कूलों को बेच दिया। शिकायत की जांच के लिए तहसीलदार टुण्डरा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल, विकासखंड स्रोत समन्वयक और संकुल समन्वयक की टीम गठित की गई।

जांच में पाया गया कि 8 सितम्बर 2025 को शाला प्रबंधन एवं विकास समिति ने पुराने जर्जर भवन को डिस्मेंटल कराने के दौरान कबाड़ और अनुपयोगी सामान बेचने का निर्णय लिया था। इस निर्णय का हवाला देते हुए प्राचार्य बंजारे ने टुण्डरा नगर के ज्ञान अमृत विद्यालय को 67 टेबल-चेयर और धविका पब्लिक स्कूल शिवरीनारायण को 40 टेबल-चेयर कबाड़ बताकर बेच दिए।

शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जब फर्नीचर की ढुलाई हो रही थी, तब नगरवासियों ने शासकीय स्कूल के गेट पर इसे रोक दिया। मौके पर किए गए सत्यापन में शिकायत की पुष्टि हुई। जांच दल ने तीन पिकअप वाहनों से आए फर्नीचर को जब्त कर शासकीय स्कूल के एक कक्ष में सुरक्षित सीलबंद कर दिया और पंचनामा तैयार कर लिया।

जांच दल ने पाया कि बेचा गया फर्नीचर पूरी तरह उपयोग योग्य था। साथ ही, फर्नीचर निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के अपलेखन नियमों का पालन नहीं किया गया और न ही उच्च अधिकारियों से पूर्व अनुमति ली गई।

कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि यह कृत्य सरकारी नियमों और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। प्राचार्य की कार्रवाई उनके पद के दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। अब शासन से निलंबन पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है।

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