
रायपुर | CG DASTAK
रायपुर। छत्तीसगढ़ की निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किए जाने के बाद लंबी पूछताछ के उपरांत ईडी ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया।
ईडी की टीम अब उन्हें कल सुबह विशेष अदालत (ED कोर्ट) में पेश करेगी।
🔎 पहले से कोयला घोटाले की आरोपी
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले की भी मुख्य आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के तहत सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को रिहा किया गया था।
रिहाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे।
अब शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।
🍾 क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
ईडी की जांच के अनुसार, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2019–2023) के दौरान राज्य की शराब नीति में बदलाव कर व्यवस्थित तरीके से बड़ा घोटाला किया गया।
जांच में सामने आया कि—
- शराब लाइसेंस की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि चहेती कंपनियों को फायदा मिले,
- इन कंपनियों ने नोएडा की एक कंपनी से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई,
- नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा गया,
- चूंकि होलोग्राम नकली थे, इसलिए बिक्री का वास्तविक डेटा शासन के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाता था,
- इस तरह बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही।
- ईडी के मुताबिक, इस पूरे खेल में राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ।
💰 पैसों के बंटवारे का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से अर्जित रकम— कांग्रेस भवन निर्माण, नेताओं, अधिकारियों, और मंत्रियों तक पहुंचाई गई।
⚖️ अब तक कौन-कौन हो चुके हैं गिरफ्तार?
शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें—
- पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा,
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल,
- पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा,
- कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर
की गिरफ्तारी शामिल है।
इसके अलावा, आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी इस मामले में आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
🔍 आगे क्या?
अब सौम्या चौरसिया को ईडी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी रिमांड की मांग कर सकती है, और शराब घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ और तेज होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इस गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है।










