
📍 सौरभ सतपथी की रिपोर्ट | CG Dastak | 22 जून 2025
महासमुंद — आदिवासी समुदाय के समग्र विकास और सरकारी योजनाओं की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महासमुंद जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सेवा एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 17 जून से 30 जून 2025 तक विभिन्न पंचायतों में आयोजित हो रहे हैं।
आज महासमुंद विकासखंड के खमतराई, पिथौरा के खुटेरी, बागबाहरा के डोंगरीपाली, और सरायपाली के पझरापाली में हुए शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शिविरों में स्वास्थ्य, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, समाज कल्याण जैसे कई विभागों ने स्टॉल लगाकर सेवाएं दीं।
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🔍 प्रमुख सेवाएं और लाभ:
📌 स्वास्थ्य विभाग:
- नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
- आवश्यक दवाएं वितरित
- सिकल सेल की जाँच (खुटेरी शिविर में 40 लोगों की जांच)
📌 राजस्व विभाग:
- नामांतरण, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र की सुविधा ऑनस्पॉट
📌 महिला एवं बाल विकास विभाग:
- सुपोषण अभियान की जानकारी
- गर्भवती महिलाओं का पंजीयन (मातृत्व वंदन योजना)
📌 कृषि विभाग:
- उन्नत बीज एवं कृषि यंत्रों की जानकारी
- किसान क्रेडिट कार्ड पंजीयन
📌 पशुपालन विभाग:
- मवेशियों का टीकाकरण
- पशुपालन योजनाओं की जानकारी
📌 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग:
- राशन कार्ड सुधार
- पात्रता पर्ची एवं PM अन्न योजना की जानकारी
📌 समाज कल्याण विभाग:
- वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन हेतु पंजीयन एवं स्वीकृति
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📈 शिविरों में पंजीयन और स्वीकृतियाँ:
🟢 पझरापाली (सरायपाली ब्लॉक)
कुल पंजीयन: 135 हितग्राही
- राशन कार्ड: 15
- आयुष्मान कार्ड: 15
- जाति प्रमाण पत्र: 13
- निवास प्रमाण पत्र: 17
- मातृत्व वंदन योजना: 10 गर्भवती महिलाएं
- वृद्धावस्था पेंशन: 20
- विधवा पेंशन: 15
🟢 खुटेरी (पिथौरा ब्लॉक)
कुल पंजीयन: 92 हितग्राही
- आधार कार्ड: 17
- राशन कार्ड: 09
- आयुष्मान कार्ड: 06
- जाति प्रमाण पत्र: 13
- निवास प्रमाण पत्र: 05
- किसान क्रेडिट कार्ड: 01
- वृद्धावस्था पेंशन: 01
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🤝 जनभागीदारी और जागरूकता
शिविरों में जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों, और खंड स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी रही। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई का समाधान मौके पर किया। साथ ही ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
यह पहल शासन की “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को साकार करती है, जिसमें विशेष पिछड़ी जनजातियों के लोगों को योजनाओं से जोड़कर समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।










