रायपुर में 1800 हाई स्कूल विद्यार्थियों को मिला तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य का प्रशिक्षण

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रायपुर। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए रायपुर में एक सराहनीय पहल सामने आई है। मनोविज्ञान अध्ययनशाला के एम.ए. एवं डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग कोर्स के 25 छात्र-छात्राओं ने शहर के 28 स्कूलों के लगभग 1800 हाई स्कूल विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन की तकनीकें सिखाईं और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।

यह व्यापक जागरूकता अभियान एक माह की इंटर्नशिप के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसे प्रोजेक्ट करुणा, दिल्ली के सहयोग से संपादित किया गया। प्रोजेक्ट करुणा (आर.एम. ट्रस्ट द्वारा संचालित) भारत में 12 से 17 वर्ष की आयु के किशोरों में बढ़ते अवसाद, चिंता और मानसिक तनाव को कम करने के लिए जागरूकता, रोकथाम और प्रारंभिक हस्तक्षेप के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

एक सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद उतरे फील्ड में छात्र

इंटर्नशिप से पहले मनोविज्ञान अध्ययनशाला के विद्यार्थियों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद कुल 25 छात्र-छात्राओं ने फील्ड में जाकर कार्य किया। प्रत्येक विद्यार्थी ने दो-दो स्कूलों में जाकर हाई स्कूल छात्रों को तनाव को पहचानने, उससे निपटने और आत्म-सहायता की सरल व प्रभावी तकनीकें सिखाईं।

1800 से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ

  • तनाव प्रबंधन इंटर्नशिप के तहत 26 स्कूलों में 1422 विद्यार्थियों को सेंसिटाइज किया गया।
  • मानसिक स्वास्थ्य साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत अंजलि सोफत और शीतल गोयल ने 2 स्कूलों में 311 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया।

किशोरावस्था में तनाव समझना जरूरी: प्रो. प्रियंवदा श्रीवास्तव

मनोविज्ञान अध्ययनशाला की विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम की कन्वीनर प्रो. प्रियंवदा श्रीवास्तव ने कहा कि किशोरावस्था में तनाव का स्तर अधिक होता है, ऐसे में छात्रों को तनाव समझने और उसके प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक सीख देना बेहद आवश्यक है। मनोविज्ञान एक प्रायोगिक विषय है, जिसकी उपयोगिता हर क्षेत्र में है, इसलिए विद्यार्थियों को फील्ड अनुभव देने के उद्देश्य से यह पहल की गई।

आगे भी होंगे ऐसे कार्यक्रम

इंटर्नशिप की को-ऑर्डिनेटर डॉ. रोली तिवारी ने बताया कि आने वाले सत्रों में भी इस तरह की गतिविधियां जारी रहेंगी और विभिन्न संस्थाओं के साथ सहयोग (कोलाबेरेशन) की योजना प्रस्तावित है, ताकि विद्यार्थी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के सशक्त प्रहरी बन सकें।

विद्यार्थियों को मिला प्रमाण पत्र

एक माह की इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. जीता बेहेरा, श्री टिकेश्वर प्रसाद साहू, डॉ. अंजलि, सुदर्शन, अद्याशा सहित मनोविज्ञान अध्ययनशाला के समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।

 

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