
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के भतीजे पर पेट्रोल पंप सुपरवाइजर के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद यह राजनीतिक रंग भी लेने लगा है, क्योंकि कांग्रेस ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने मामले में लूट की धारा दर्ज नहीं की और आरोपी की पहचान छुपाई।
घटना का विवरण
प्रार्थी विनोद दुबे (निवासी ग्राम ठेलकी) नंदलाल फ्यूल पेट्रोल पंप, ढाबाडीह में सुपरवाइजर हैं। उनके अनुसार, 9 अगस्त 2025 की रात करीब 11 बजे आरोपी आशीष बघेल अपने साथियों के साथ पेट्रोल पंप आया और बहाने से उन्हें पास के ढाबे के सामने खड़े ट्रक के पास ले गया। वहां आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए कहा, “तुम अपने आप को होशियार समझते हो” और जान से मारने की धमकी देते हुए मुक्कों, बेल्ट और हाथों से पिटाई की।
इस हमले में प्रार्थी को हाथ, पीठ और पैरों में चोटें आईं। उनकी रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्र. 756/2025 धारा 296, 351(2), 115(2), 118(2) 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने मारपीट और धमकी देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने बताया कि तीनों को 12 अगस्त 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
आरोपियों के नाम
1. कृष्णा वर्मा उर्फ राजा वर्मा (मंत्री टंकराम वर्मा के बड़े भाई का बेटा), उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम चांपा, थाना पलारी।
2. आशीष बघेल, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम सेम्हराडीह, थाना सुहेला।
3. भीम साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम सेम्हराडीह, थाना सुहेला।
मंत्री टंकराम वर्मा का बयान
मंत्री वर्मा ने मीडिया से कहा कि वे यह स्वीकार नहीं करते कि आरोपी उनका भतीजा है या नहीं, लेकिन “कानून से ऊपर कोई नहीं है और चाहे जो भी हो, नियमों के अनुसार कठोर सजा मिलनी चाहिए”।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मंत्री के भतीजे की पहचान जानबूझकर छुपाई और लूट की धारा दर्ज नहीं की। उनका दावा है कि पीड़ित ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि आरोपियों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि मोबाइल और पैसे भी छीने।
