बिरनपुर हिंसा मामला: कोर्ट का बड़ा फैसला, 17 आरोपी दोषमुक्त

0
49

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बिरनपुर हिंसा मामले में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया।

यह मामला साजा थाना में दर्ज अपराध से संबंधित था, जिसमें कुल 173 लोगों के खिलाफ धारा 302, 147, 148, 149, 153, 201, 109 और 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 64 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने पाया कि आरोप सिद्ध नहीं हो सके, जिसके चलते 17 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।

क्या था बिरनपुर हिंसा मामला?

बिरनपुर हिंसा की शुरुआत दो बच्चों के बीच हुए विवाद से हुई थी, जो देखते ही देखते सामुदायिक तनाव में बदल गया। 8 अप्रैल 2023 को साजा क्षेत्र के निवासी 22 वर्षीय भुनेश्वर साहू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया।

तनाव के दौरान गांव में आगजनी और हिंसा की घटनाएं भी हुईं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के दो लोगों—रहीम (55) और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35)—की भी मौत हो गई थी। हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू की थी, जो करीब दो सप्ताह तक प्रभावी रही।
मामले की जांच के दौरान शुरुआत में 12 आरोपियों को चिन्हित किया गया था, जबकि बाद में जांच एजेंसी द्वारा कुछ अन्य नाम भी जोड़े गए थे।

न्यायालय के इस फैसले को बिरनपुर हिंसा मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here