
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। प्रधानमंत्री किसान योजना के नाम पर फर्जी एप्लीकेशन बनाकर मोबाइल हैकिंग और ठगी करने वाले तीन आरोपियों को बिहार के जमुई से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने एक बीएसपी रिटायर्ड बुजुर्ग दिलीप मेश्राम से 12 लाख 13 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी की थी।
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि डोंडिलोहरा थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बिहार जाकर यह कार्रवाई की। टीम ने लोकल मुखबिर और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
- नीतीश कुमार दास (जमुई, बिहार)
- अरविंद कुमार दास (जमुई, बिहार)
- राकेश कुमार दास (जमुई, बिहार)
पुलिस ने बरामद किया
- 3 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- चेकबुक व पासबुक
- लगभग 15 लाख रुपए नगद
- एक टॉप मॉडल वेन्यू कार
ऐसे की गई ठगी
आरोपियों ने प्रधानमंत्री किसान योजना के नाम पर एक फेक एप्लीकेशन तैयार की और उसे सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया। बुजुर्ग दिलीप मेश्राम (रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी) इस फर्जीवाड़े का शिकार बन गए। गिरोह ने उनका मोबाइल हैक कर ई-सिम तैयार किया और ओटीपी के जरिए यूपीआई एप्स से लाखों रुपए ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी ठगी में शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
