
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की ऐतिहासिक बैठक में बड़ा और साहसिक फैसला
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ की आज 17 जनवरी 2026 को आयोजित ऐतिहासिक बैठक में समाजहित से जुड़े दो बड़े और निर्णायक फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने की, जिसमें प्रदेशभर से सभी जिला साहू संघ अध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

🔴 दो ऐतिहासिक निर्णय – समाज सुधार की दिशा में बड़ा कदम
बैठक में समाज में बढ़ते दिखावे, फिजूलखर्ची, पारिवारिक विघटन और संस्कारों के क्षरण पर गंभीर चिंता जताई गई। विस्तृत मंथन के बाद सर्वसम्मति से दो अहम निर्णय लिए गए—
👉 साहू समाज में प्री-वेडिंग शूट को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाएगा।
👉 समाज में बढ़ते तलाक को रोकने के लिए पारिवारिक काउंसलिंग की स्थायी व्यवस्था की जाएगी।

प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू ने बताया कि यह निर्णय समाज को दिखावे की संस्कृति से बाहर निकालकर संस्कार, संयम और पारिवारिक स्थिरता की ओर ले जाने के उद्देश्य से लिया गया है।
🟠 तलाक रोकने समाज करेगा पारिवारिक हस्तक्षेप
बैठक में यह स्वीकार किया गया कि हाल के वर्षों में समाज में तलाक के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इसे रोकने के लिए—
- विवाह पूर्व एवं विवाह पश्चात पारिवारिक काउंसलिंग
- वरिष्ठ सामाजिक जनों एवं विशेषज्ञों की मदद
- पारिवारिक संवाद और समाधान केंद्र शुरू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

प्रदेश साहू संघ का मानना है कि तलाक केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक चिंता का विषय है, जिसे समय रहते रोका जाना आवश्यक है।
🟡 दिखावे की नहीं, संस्कारों की पहचान बने साहू समाज
बैठक में कहा गया कि—
- प्री-वेडिंग शूट जैसी परंपराएं समाज में अनावश्यक दबाव और खर्च बढ़ा रही हैं
- इससे युवा वर्ग में गलत प्रतिस्पर्धा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है
- समाज की मूल पहचान सादगी, संस्कार और सामाजिक समरसता है
प्रदेश साहू संघ ने स्पष्ट किया कि जो परंपराएं समाज को कमजोर करेंगी, उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🟢 समाज से अपील
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से इन निर्णयों का सम्मान करने, पालन करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने में सहयोग की अपील की है।
बैठक में एक स्वर में कहा गया—
“साहू समाज एकजुट था, एकजुट है और एकजुट रहेगा।”










