
संसद में मोदी सरकार आज पेश करेगी बड़ा बिल
नई दिल्ली। देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाला एक अहम बिल आज संसद में पेश होने जा रहा है। सरकार संसद में ऐसा प्रस्ताव ला रही है, जिसके तहत यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि (एमपी/एमएलए) 30 दिन से ज्यादा जेल में रहता है, तो उसकी पद की कुर्सी स्वतः समाप्त हो जाएगी। यह कदम राजनीति में पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों पर सख्ती
अक्सर यह देखा गया है कि कई जनप्रतिनिधि गंभीर मामलों में जेल जाते हैं, लेकिन फिर भी वे लंबे समय तक पद पर बने रहते हैं। इससे जनता के बीच नकारात्मक संदेश जाता है। इस बिल के लागू होने के बाद ऐसे नेताओं की सदस्यता और पद स्वतः खत्म हो जाएगा।
जनप्रतिनिधि बने जनता के प्रति जवाबदेह
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल राजनीति में शुचिता लाने और अपराधीकरण को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। संसद में इस पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गहन बहस होने की संभावना है।
जनता का क्या कहना है?
सोशल मीडिया पर लोग इस प्रस्ताव का स्वागत कर रहे हैं। जनता का मानना है कि नेताओं के लिए भी वही कानून लागू होना चाहिए, जो आम नागरिकों के लिए है। यदि कोई भी व्यक्ति अपराध में दोषी है और जेल में है, तो उसे सत्ता की कुर्सी पर नहीं रहना चाहिए।
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