
90 का दशक बॉलीवुड के सुनहरे दौर में गिना जाता है, जब शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे सितारे बॉक्स ऑफिस पर राज कर रहे थे। उसी दौर में एक फिल्म आई, जिसने रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा बटोरी। यह फिल्म थी रूप की रानी चोरों का राजा। इस फिल्म को बनाया था मशहूर निर्माता बोनी कपूर ने, जिन्होंने अपनी पत्नी श्रीदेवी को हीरोइन और अपने छोटे भाई अनिल कपूर को हीरो बनाया।

इस फिल्म को उस समय की सबसे महंगी फिल्मों में गिना जाता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका बजट करीब 9-10 करोड़ रुपये था, जो 1993 के हिसाब से बहुत बड़ा था। फिल्म की कहानी मशहूर लेखक जावेद अख्तर ने लिखी थी, जिससे दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई थीं। फिल्म में भव्य सेट, शानदार कॉस्ट्यूम और बड़े पैमाने पर शूटिंग की गई थी। हर चीज़ में ग्रैंडनेस दिखाने की कोशिश की गई, ताकि यह फिल्म एक ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर साबित हो सके।
क्यों फ्लॉप हुई इतनी बड़ी फिल्म?
इतनी बड़ी स्टारकास्ट और भारी बजट के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। इसकी सबसे बड़ी वजह थी कमजोर कहानी और लंबी स्क्रीनप्ले। दर्शकों को फिल्म की कहानी में वह कनेक्शन नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि गाने और सेट डिजाइन की काफी तारीफ हुई, लेकिन कहानी की पकड़ कमजोर होने के कारण फिल्म दर्शकों को बांध नहीं पाई।
फिल्म का निर्देशन सतीश कौशिक ने किया था, लेकिन कई क्रिटिक्स का मानना था कि फिल्म का निर्देशन उतना प्रभावी नहीं रहा जितना इस बजट की फिल्म के लिए जरूरी था। दिलचस्प बात यह भी है कि इस फिल्म को पहले शेखर कपूर डायरेक्ट करने वाले थे, लेकिन बाद में उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इस बदलाव का असर भी फिल्म की क्वालिटी पर पड़ा।
फिल्म के फ्लॉप होने के बाद जावेद अख्तर ने भी माना था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट को लेकर पछतावा हुआ। उन्होंने कहा था कि फिल्म की स्क्रिप्ट पर और ज्यादा काम होना चाहिए था। इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि सिर्फ बड़े सितारे और भारी बजट ही किसी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं होते। रूप की रानी चोरों का राजा” आज भी बॉलीवुड के इतिहास में एक ऐसी फिल्म के रूप में याद की जाती है, जिसने बड़े सपने देखे लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाई। यह फिल्म फिल्ममेकर्स के लिए एक सीख बन गई कि कंटेंट हमेशा किंग होता है, चाहे बजट कितना भी बड़ा क्यों न हो।
इस तरह 1993 की सबसे महंगी फिल्म होते हुए भी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन आज भी यह एक दिलचस्प उदाहरण के रूप में चर्चा में रहती है।









