दीपावली पर “स्वदेशी रोशनी” की पहल — कलेक्टर का निर्देश, मिट्टी के दीयों की बिक्री में कोई बाधा नहीं

0
35

CG DASTAK | धमतरी से बड़ी खबर

धमतरी: इस दीपावली जिले में स्वदेशी परंपरा और लोक संस्कृति की चमक देखने को मिलेगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे त्योहार को “स्वदेशी भावना” और “परंपरागत संस्कृति” के साथ मनाएँ।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिले के सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि मिट्टी के दीये बेचने वाले ग्रामीणों और कुम्हारों को किसी भी प्रकार की परेशानी या शुल्क का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि “ये पारंपरिक कारीगर हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं। उनके हस्तनिर्मित दीये हमारी लोककला और परंपरा की पहचान हैं। प्रशासन का दायित्व है कि उन्हें प्रोत्साहन मिले और उनका उत्साह बढ़े।”

कलेक्टर ने आगे कहा कि दीपावली सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि ग्रामीण शिल्पकारों को भी आजीविका का अवसर देते हैं।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि चीनी या प्लास्टिक के उत्पादों की जगह मिट्टी के दीये जलाएं, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक सहयोग मिले।

प्रशासन ने सभी नगरीय निकायों को निर्देशित किया है कि स्थानीय बाजारों में दीये विक्रेताओं के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए जाएं, ताकि वे अपने उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन आसानी से कर सकें।

यह पहल न केवल जिले में “वोकल फॉर लोकल” की भावना को बढ़ावा देगी, बल्कि इस बार धमतरी के घर-आंगन स्वदेशी गर्व और परंपरा की रोशनी से जगमगा उठेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here