
जशपुर। जिले के फरसाबहार विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ व्याख्याता दीपक तिग्गा को गंभीर अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर रोहित व्यास की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी द्वारा यह कार्रवाई की गई।

जांच में पाया गया कि व्याख्याता बिना पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे। इसके अलावा विद्यालयीन समय में उपस्थित नहीं होना, अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र जाना, शिक्षक दैनंदिनी तैयार नहीं करना, निर्धारित पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं करना तथा उपस्थिति पंजी में अनियमित हस्ताक्षर करना जैसी लापरवाहियां सामने आईं। प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की प्राप्ति से भी उन्होंने इंकार किया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दीपक तिग्गा ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बाइबल की छोटी-छोटी पुस्तकें वितरित की थीं। प्रशासन ने इसे पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता माना है, जो सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 और 7 का उल्लंघन है।
कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जशपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।










