
📍 नवा रायपुर, 16 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और सराहनीय फैसला लिया है। अब राज्य के सभी शासकीय और निजी चिकित्सा, दंत चिकित्सा तथा भौतिक चिकित्सा महाविद्यालयों में NRI (अप्रवासी भारतीय) कोटे की सीटों पर केवल वास्तविक पात्र छात्रों को ही प्रवेश मिलेगा।
इस निर्णय को राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की दूरदर्शी सोच और पारदर्शी प्रशासनिक नीति का परिणाम माना जा रहा है।
🔷 क्या है नया नियम?
अब NRI कोटे में प्रवेश के लिए छात्र को यह प्रमाणित करना होगा कि:
- उसके माता/पिता/पालक/पति-पत्नी विदेश में रह रहे हैं।
- 181 दिन या अधिक विदेश में निवास का प्रमाण है।
- पासपोर्ट, वीजा, ग्रीन कार्ड जैसे दस्तावेज़ अनिवार्य होंगे।
- फीस का भुगतान विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) में करना होगा।
- NRE/FCNR बैंक स्टेटमेंट और विदेश में कार्यरत होने के प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।
- OCI (Overseas Citizen of India) विद्यार्थी भी अब NRI सीट के लिए पात्र होंगे — सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार।
🗣️ स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा:
“अब छत्तीसगढ़ की मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और योग्यता की जीत होगी। वास्तविक NRI छात्रों को ही लाभ मिलेगा। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और न्यायपूर्ण बनाएगा।”
🙌 छात्रों एवं अभिभावकों में खुशी की लहर
सरकार के इस निर्णय से मेडिकल की तैयारी कर रहे हज़ारों छात्रों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। अब सीटों पर केवल योग्यता और दस्तावेज आधारित प्रणाली लागू होगी, जिससे पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
📌 निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला न केवल एक नियम है, बल्कि शिक्षा में सच्चाई और नैतिकता की जीत है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से छत्तीसगढ़ मेडिकल शिक्षा में पूरे देश के लिए एक आदर्श मिसाल बनता जा रहा है।










