छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: भूपेश बघेल के घर ED का छापा, बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर सुबह 6 बजे छापेमारी की, और उनके बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर स्थित विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।

🔍 गिरफ्तारी पर वकील का बयान

चैतन्य बघेल के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि ईडी ने आज तक चैतन्य को एक भी समन नहीं भेजा था। गिरफ्तारी लक्ष्मी उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि चैतन्य बघेल का आज जन्मदिन था, और पूजा के दौरान ही जूते पहनकर ईडी टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित गिरफ्तारी बताया।

⚖️ विधानसभा में हंगामा और कांग्रेस का विरोध

गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में जमकर विरोध किया और पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत सभी कांग्रेस विधायक कोर्ट पहुंच गए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में कहा कि “सत्ता का गलत उपयोग कर विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है।”

🗣️ भूपेश बघेल बोले – “भूपेश बघेल न टूटेगा, न झुकेगा”

ईडी की कार्रवाई पर भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा –

“पिछली बार मेरे जन्मदिन पर ED आई थी, आज मेरे बेटे के जन्मदिन पर आई है। ये सब मोदी-शाह को खुश करने की कोशिश है। हम लोग डरने और झुकने वाले नहीं हैं। सत्य की लड़ाई लड़ेंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में विपक्ष को टारगेट किया जा रहा है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।

🍾 क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?

वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part) की अवैध बिक्री की। यह शराब डिस्टलरी से सीधे दुकानों तक पहुंचती थी और वैध शराब के साथ बेची जाती थी।

इस पूरे रैकेट में डिस्टलरी मालिक, ट्रांसपोर्टर, आबकारी अधिकारी, सुपरवाइजर, मैनपावर एजेंसियां और नेताओं का सिंडिकेट शामिल था। अवैध शराब की बिक्री से हुई कमाई सीधे सिंडिकेट तक पहुंचती थी।

📊 घोटाले की रकम 3200 करोड़ रुपये तक पहुंची

शुरुआती जांच में घोटाले की राशि 2174 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन अब 60 लाख से अधिक पेटियों की अवैध बिक्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह आंकड़ा 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

🚨 अब तक की गई प्रमुख गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें शामिल हैं:

  • अनिल टुटेजा
  • अनवर ढेबर
  • अरुणपति त्रिपाठी
  • विजय भाटिया
  • पूर्व मंत्री कवासी लखमा, जिन्हें 64 करोड़ रुपये लाभ मिलने का आरोप है।

🔍 जांच अब भी जारी

ईओडब्ल्यू और एसीबी की जांच अब भी जारी है। शराब के समानांतर नेटवर्क, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।

🏛️ निष्कर्ष

चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, तो वहीं ईडी इसे प्रमाणों के आधार पर कार्रवाई बता रही है। आगामी दिनों में यह मामला और गरमाने की पूरी संभावना है।

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