
एमसीबी/खड़गवां। प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान का भव्य शुभारंभ खड़गवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से किया गया। इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान से वर्चुअल माध्यम से की। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की विशेष उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

खड़गवां बना प्रदेश का पहला केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फीता काटकर प्रदेश स्तरीय टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान खड़गवां क्षेत्र की 5 बालिकाओं का सर्वप्रथम टीकाकरण किया गया, जो प्रदेश की पहली लाभार्थी बनीं। मंत्री ने सभी बालिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।

14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाएं होंगी लाभान्वित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खरे ने बताया कि देश में महिलाओं की मृत्यु का एक प्रमुख कारण कैंसर है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान की शुरुआत की गई है। जिले में लगभग 4000 बालिकाओं को चिन्हित किया गया है, जिनका टीकाकरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज से ज्यादा उसका बचाव जरूरी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जागरूकता पर जोर
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि खड़गवां से शुरू हुआ यह अभियान पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि एक बच्ची के टीके की लागत करीब ₹4000 है, जिसे सरकार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार इस पूरे अभियान का खर्च वहन कर रही है।
पोलियो की तरह कैंसर उन्मूलन का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 14 वर्ष की बालिकाओं का यह टीकाकरण भविष्य में पोलियो उन्मूलन की तरह सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करने में मददगार साबित होगा। प्रदेश सरकार महिलाओं को गर्भाशय और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्त करने के लिए संकल्पित है।

खड़गवां से शुरू हुआ यह अभियान महिला स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जनसहभागिता के संयुक्त प्रयास से यह कार्यक्रम प्रदेश की हजारों बालिकाओं के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव रखेगा।










