
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों के नाम के ऐलान से पहले ही आंतरिक घमासान शुरू हो गया है। एक ओर दावेदार सोशल मीडिया पर ‘धोखा’, ‘गद्दार’ और ‘पीठ में छुरा’ जैसे शब्दों के साथ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के प्रवक्ता सफाई देते नजर आ रहे हैं।
रायपुर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल श्रीकुमार मेनन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा —
> “किसी ने कहा कि आप इतना धोखा कैसे सह सकते हो। धोखा वो भी अपने लोगों से? तो मैंने कहा — धोखा तो नमकहराम और गद्दार करते हैं। जिनको हमने सब कुछ दिया, वही हमारी पीठ में छुरा भोंकते हैं।”
मेनन से पहले कांग्रेस नेता शिव सिंह ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जताई थीl
कांग्रेस का जवाब — ‘व्यक्तिगत पीड़ा है, अंतर्कलह नहीं’
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस पूरे विवाद को “व्यक्तिगत पीड़ा” बताया। उन्होंने कहा —
“पार्टी ने सभी को समान अवसर दिया है। किसी व्यक्ति विशेष की अपेक्षा पूरी न होना अंतर्कलह नहीं है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत भावनाएं हैं।”
शुक्ला ने आगे कहा कि भारत के किसी भी दल ने कांग्रेस जितनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं अपनाई है।
भाजपा का पलटवार — ‘कांग्रेस का यही चाल-चरित्र’
इस सियासी घमासान पर भाजपा नेता केदार गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा —
> “कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा ऐसा ही रहा है। सत्ता में रहकर जनता का धन लूटना और फिर आपसी कलह में उलझ जाना, यही कांग्रेस की पहचान बन गई है। अगर राजनीति सेवा भाव से करते तो आज ‘चाकू और तलवार’ की बात नहीं करनी पड़ती।”
गुप्ता ने कहा कि जनता अब सब जान चुकी है और कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई से उसका असली चेहरा सामने आ गया है।










