
जशपुर। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में जशपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरोपी ने खुद को कलेक्ट्रेट का अधिकारी बताकर दो युवकों से कुल 4 लाख 35 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने उसे जशपुर के एक होटल से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। मामला थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम इचकेला निवासी रोहित खाखा ने थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी प्रदीप पंडा (28 वर्ष) ने रोहित की मां को यह कहकर अपने झांसे में लिया कि वह कलेक्ट्रेट में बड़ा अधिकारी है और सुरक्षा गार्ड के पद पर सीधी भर्ती करवा सकता है। उसकी बातों में आकर रोहित की मां ने पहले 50 हजार रुपये दिए। बाद में ज्वाइनिंग लेटर का झांसा देकर आरोपी ने और रकम मांगी, जिसके लिए परिवार ने जमीन गिरवी रखकर 1.50 लाख रुपये और दे दिए।
इसके बाद आरोपी ने एक और पद खाली होने का झांसा देकर ठूठीअंबा निवासी उमेश भगत के परिवार से भी 2 लाख 35 हजार रुपये ठग लिए। लंबे समय तक नौकरी नहीं मिलने और आरोपी द्वारा टालमटोल करने पर पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान प्रदीप पंडा निवासी सोडापाठ चौक पुसौर, जिला रायगढ़ के रूप में हुई। पुलिस ने उसके तथाकथित कार्यालय (भट्टी रोड) से टेबल, कुर्सी और कंप्यूटर भी जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि ठगी की रकम से उसने अपने कर्ज चुकाए और शौक पूरे किए।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति को पैसे न दें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।










